
जय श्री वेंकटेश्वर, जय बालाजी।
भक्तजनन के संकट हरहु प्रभु सदा।।
जय श्री वेंकटेश्वर…
शंख-घंटा, दीप और पुष्प अर्पित कर,
भक्तजनन की मनोकामना पूर्ण करहु प्रभु।।
जय श्री वेंकटेश्वर…
गज-राज और हंसवाहिनी, धन्य स्वरूप है।
सदा सुख-समृद्धि, भक्तों पर दृष्टि रखो प्रभु।।
जय श्री वेंकटेश्वर…
माखन-मिश्री, फूल और फल भोग में अर्पित।
भक्तजनन के संकट दूर करहु प्रभु।।
जय श्री वेंकटेश्वर…
आरती भवानी, जय गिरिधरनाथ।
सदा मंगलकारी, भव भय हरहु प्रभु।।
जय श्री वेंकटेश्वर…
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